ग्रामीणों को बिना कनेक्शन थमा दिए हजारों के बिजली बिल, विभागीय सिस्टम पर उठे सवाल
ग्रामीणों को बिना कनेक्शन थमा दिए हजारों के बिजली बिल, विभागीय सिस्टम पर उठे सवाल
ग्रामीणों को बिना कनेक्शन थमा दिए हजारों के बिजली बिल, विभागीय सिस्टम पर उठे सवाल
मध्य प्रदेश के बैतूल जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां बिजली के खंभे, तार और कनेक्शन के बिना ही ग्रामीणों पर हजारों रुपये का बिजली बिल जारी कर दिया गया। यह घटना ग्राम मोआड़ के दामजीपुरा ढाना की बताई जा रही है, जिसके बाद ग्रामीणों में आक्रोश और बिजली विभाग में हलचल तेज हो गई है।
गुरुवार को प्रभावित ग्रामीण जयस संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी को ज्ञापन सौंपकर न्याय की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि वे मुख्य गांव मोआड़ से लगभग एक किलोमीटर दूर ढाना क्षेत्र में निवास करते हैं, जहां बिजली कंपनी के अधिकारियों ने उनसे 24 घंटे बिजली आपूर्ति का आश्वासन दिया था। इसके लिए करीब 15 लोगों से जरूरी दस्तावेज भी जमा करवाए गए थे।
ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग ने न तो उनके घरों तक बिजली लाइन पहुंचाई, न खंभे लगाए और न ही किसी प्रकार का मीटर या कनेक्शन दिया गया। लेकिन इसके बावजूद उन्हें 5,000 से 8,000 रुपये तक के बिजली बिल थमा दिए गए, जिससे वे स्तब्ध और परेशान हैं।
शिकायतकर्ताओं में शेषराव उइके, मालतीबाई सहित अन्य ग्रामीणों ने भी कहा कि जब तक उनके घरों तक घोषित 24 घंटे बिजली सप्लाई नहीं पहुंचती, तब तक वे कोई भी बिजली भुगतान नहीं करेंगे।





