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कटनी। रायपुर (छत्तीसगढ़) में भगवान झूलेलाल और महाराजा अग्रसेन के प्रति कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले अमित बघेल के खिलाफ अब तक कार्रवाई न होने पर सिंधी समाज में तीव्र आक्रोश फैल गया है

सिंधी समाज में आक्रोश: रायपुर में झूलेलाल भगवान पर अमर्यादित टिप्पणी के विरोध में 4 नवंबर को प्रतीकात्मक बंद और मौन जुलूस का आह्वान

 

सिंधी समाज में आक्रोश: रायपुर में झूलेलाल भगवान पर अमर्यादित टिप्पणी के विरोध में 4 नवंबर को प्रतीकात्मक बंद और मौन जुलूस का आह्वान

कटनी। रायपुर (छत्तीसगढ़) में भगवान झूलेलाल और महाराजा अग्रसेन के प्रति कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले अमित बघेल के खिलाफ अब तक कार्रवाई न होने पर सिंधी समाज में तीव्र आक्रोश फैल गया है।इसी के विरोध में कटनी की सिंधी सेंट्रल पंचायत, शांति नगर सिंधी सेंट्रल पंचायत और माधव नगर सिंधी सेंट्रल पंचायत के संयुक्त आह्वान पर रविवार को सिंधु झूलेलाल मंगलम परिसर में समाज की एक विशाल आमसभा आयोजित की गई। सभा में वक्ताओं ने प्रशासन से आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि यदि 24 घंटे में कार्रवाई नहीं होती है, तो 4 नवंबर को पूरे शहर में प्रतीकात्मक बंद और मौन जुलूस निकाला जाएगा। यह जुलूस सुबह 11 बजे ईश्वरकृपा कॉम्प्लेक्स से प्रारंभ होकर मिशन चौक तक जाएगा, जहां से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा जाएगा।

आस्था का अपमान सहन नहीं होगा

सभा को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पार्षद श्याम पंजवानी ने कहा, “हम किसी से लड़ने नहीं आए हैं, बल्कि यह कहने आए हैं कि आस्था का अपमान सहन नहीं होगा। हम संविधान पर विश्वास रखते हैं, लेकिन न्याय की अपेक्षा भी रखते हैं।” उन्होंने कहा कि प्रशासन की चुप्पी समाज की पीड़ा को और गहरा कर रही है।

उन्होंने सवाल उठाया की आख़िर कब तक हमारे देवी-देवताओं, इष्टदेवों और संतों के प्रति ऐसी अमर्यादित टिप्पणियाँ होती रहेंगी? क्यों कोई डर नहीं रहा, क्यों सरकारें मौन हैं?”

“न्याय से ही बुझेगी यह आग”

पंजवानी ने आगे कहा कि यदि पहले ही दिन दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होती, तो आज यह विरोध जन आंदोलन का रूप न लेता। “सरकारी दरबार में बैठे लोग जैसे तमाशा देख रहे हैं, जबकि लोगों की आस्था का अपमान हुआ है। याद रखिए — यह आग केवल शब्दों से नहीं, बल्कि न्याय से बुझेगी।

विरोध व्यक्ति नहीं, विचार के खिलाफ

सभा में सर्वश्री राजकुमार तनवानी, प्रकाश आहूजा, निरंजन पंजवानी, वीरेंद्र तीर्थनी, चंद्रलाल जादवानी, गोविंद सचदेवा, ईश्वर बहरानी, संजय जीवनानी, खियल चावला, राजकुमार नानकानी, ठाकुर रंगलानी, राजकुमार रोहरा और विजय रोहरा सहित अन्य समाजजनों ने कहा कि यह विरोध किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह आस्था और सम्मान की रक्षा का प्रतीकात्मक संकल्प है।

एफआईआर दर्ज, पर कार्रवाई की प्रतीक्षा

ज्ञात हो कि रायपुर निवासी अमित बघेल पर आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर भगवान झूलेलाल और महाराजा अग्रसेन के प्रति अपमानजनक टिप्पणी की थी। इस प्रकरण में छत्तीसगढ़ सिंधी समाज द्वारा भारतीय दंड संहिता की धारा 299 के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है, किंतु अब तक गिरफ्तारी न होने से समाज में असंतोष व्याप्त है।

शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील

सभा के अंत में समाज के पदाधिकारियों ने सभी नागरिकों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा, “हमारा विरोध किसी व्यक्ति या समुदाय से नहीं, बल्कि उन विचारों से है जो समाज में विभाजन और नफरत फैलाते हैं। हमारा उद्देश्य है। सम्मान दो, सद्भाव दो, न्याय दो। सरकार से सीधी अपील है कि न्याय की दिशा में शीघ्र कदम उठाए जाएं, ताकि आने वाली पीढ़ी के मन में अविश्वास और नफ़रत की भावना न पनपे।

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