रेंजर महोदय द्वारा बचाने का प्रयास
आदरणीय एल वन रेंजर महोदय ने जो भी लिखा है सब भ्रामक है कृपया रेंजर महोदय हमें अवगत करवाये किस दिनांक को आकस्मिक निरीक्षण किया है तो उसके खंडन में हम सी सी टी वी फुटेज उपलब्ध करवायें रेंजर महोदय स्वयं वनरक्षक को बचाने का भरपूर प्रयास कर रहे हैं। इसलिए यह जांच किसी अन्य वरिष्ठ अधिकारी से करवाई जाये । रेंजर महोदय यह बताते कि कटनी के प्यारे लाल चौधरी और छपरवाह के आशीष मिश्रा जी ने सैलारपुर में कौन सा काम किया यह बताये यह सभी को शुभम पाण्डेय अपना मकान बनवा रहे उसके के लिए यह पेमेंट किया गया यह बहुत गंभीर विषय है। दोनों व्यक्ति को बुलाकर मेरे सामने सत्यापन करवाया जाये। रेंजर महोदय लालच या दबाव में यह सब लिख रहे हैं । हमें रेंजर महोदय की जांच से किसी प्रकार की संतुष्टि नहीं है। किसी अन्य अधिकारी को जांच दी जाये तभी कुछ खुलासे होंगे। यह पूरी तरह से भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं वनरक्षक डिप्टी रेंजर महोदय और रेंजर महोदय एक दूसरे को बचाने का प्रयास कर रहे है। वनरक्षक डिप्यूटी में होते हुए यहां वहां घूमता है और डिप्टी रेंजर महोदय उसकी उपस्थिति दर्ज करते हैं यह सब फिल्मी स्टाइल में किया जा रहा है इसकी जांच वरिष्ठ अधिकारी द्वारा करवाई जाये। क्योंकि डिप्टी रेंजर रेंजर सभी इस फिल्मी स्टाइल के नायक हैं।इनकी भी पूरी सहानुभूति वनरक्षक शुभम पाण्डेय में बनी हुई है। रेंजर महोदय पानउमरिया की जांच लालच या दबाव में की गई है। हमें मंजूर नहीं है अतः पुनः पूरी गंभीरता से जांच कराई जाये और शासन को होने वाली हानि से बचाया जा सके अन्यथा इस तरह लूट खसोट की जाती रहेगी।



