लोकल न्यूज़

शासन की योजनाओं में धांधली का गढ़ बनी बहोरीबंद की ग्राम पंचायत इमलिया, सरपंच और सचिव पर ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप

 

शासन की योजनाओं में धांधली का गढ़ बनी बहोरीबंद की ग्राम पंचायत इमलिया, सरपंच और सचिव पर ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप

 

 

कटनी। जिले के बहोरीबंद विकासखंड अंतर्गत आने वाली इमलिया ग्राम पंचायत इन दिनों शासकीय योजनाओं में भ्रष्टाचार की गढ़ बनी हुई है। एक बार फिर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भारी अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। मंगलवार को इमलिया ग्राम के दर्जनों ग्रामीण जिला पंचायत कार्यालय कटनी पहुंचे और सरपंच आरती राय तथा पंचायत सचिव के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच और सचिव ने मिलकर अपात्र व्यक्तियों को योजनाओं का लाभ पहुंचाया है, जिनमें सरपंच के रिश्तेदार और परिजन भी शामिल हैं।

ससुर को दिलाया योजना का लाभ

शिकायत में उल्लेख किया गया है कि सरपंच आरती राय ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने ससुर भोला राय को खेत तालाब योजना का लाभ दिलवाया, जबकि वे इस योजना की पात्रता मानकों पर खरे नहीं उतरते थे। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि ग्राम पंचायत में कई अपात्र हितग्राहियों को पात्र घोषित कर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया गया है। इससे वर्षों से प्रतीक्षा कर रहे पात्र और गरीब हितग्राही अब भी वंचित हैं।

सीसी रोड निर्माण में भी अनियमितता

शिकायतकर्ताओं ने पंचायत में कराए गए सीसी रोड निर्माण कार्य में भी भारी अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे इस मामले की शिकायत जनपद पंचायत बहोरीबंद और जनसुनवाई पोर्टल पर कई बार कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीण हेमेंद्र राय ने बताया कि उन्होंने आज जिला पंचायत कार्यालय और जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कर उच्च स्तरीय जांच और तत्काल कार्रवाई की मांग की है। वहीं, एक अन्य ग्रामीण राजभान सिंह ने कहा कि सरपंच और सचिव केवल अपने रिश्तेदारों को योजनाओं का लाभ दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पहले भी इसी तरह की शिकायत की गई थी, जिसमें सरपंच के खिलाफ अनियमितताओं की पुष्टि हुई थी, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। आपको बता दें कि यह पहला अवसर नहीं है जब इमलिया सरपंच एवं सचिव के ऊपर इस तरह के गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हों। इसके पूर्व भी कई बार स्थानीय ग्रामीण जनों के द्वारा शिकायत की जा चुकी है लेकिन लगातार शिकायतें सामने आने के बावजूद अंकुश न लग पाना चिंता जनक है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!