
शासकीय महाविद्यालय बरही में विश्व एड्स दिवस पखवाड़ा कार्यक्रम अंतर्गत विभिन्न गतिविधियां आयोजित
पोस्टर व चित्रकला प्रतियोगिता के माध्यम से एच.आई.वी. एड्स के प्रति किया गया जागरूक
कटनी – शासकीय महाविद्यालय बरही में रेड रिबन क्लब एवं राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा विश्व एड्स दिवस के उपलक्ष्य में प्राचार्य प्रो. आर. के. त्रिपाठी के मार्गदर्शन, कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अरविंद सिंह के नेतृत्व एवं डॉ. सुनीता सिंह के संयोजकत्व में एचआईवी एड्स जागरूकता के प्रति जन जागरूकता फैलाने के लिए “रुकावटों पर जीत, एड्स प्रतिक्रिया में बदलाव” थीम पर विश्व एड्स दिवस पखवाड़ा कार्यक्रम अंतर्गत पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने सहभागिता कर चित्र एवं स्लोगन के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया। विश्व एड्स दिवस पखवाड़ा के अवसर पर आयोजित पोस्टर व चित्रकला प्रतियोगिता में निर्णायक सौरभ तिवारी, मनोज चौधरी, डॉ. मंजुलता साहू एवं डॉ. रूपा शर्मा द्वारा प्रतिभागियों का मूल्यांकन कर प्रीति बर्मन बी. एस. सी. तृतीय वर्ष को पहला, सतीश कुशवाहा, बी. एस. सी. द्वितीय वर्ष को दूसरा और दिव्या मल्लाह, बी. एस. सी. तृतीय वर्ष को तीसरा स्थान प्रदान किया गया। सभी विजेता प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम मे डॉ. अरविन्द सिंह ने एचआईवी वायरस और उसमे होने वाली वृद्धि की वजह से मनुष्यों में होने वाली विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि 1 दिसंबर को हर साल लोगो को एचआईवी एड्स के प्रति जागरूक करने के लिए संपूर्ण विश्व में एड्स दिवस मनाया जाता है। एड्स या एचआईवी के बारे में समाज में मौजूद गलत अवधारणा के कारण लोग खुलकर इस बीमारी के बारे में बात नहीं करते और इससे बचाव नहीं हो पाता है। एड्स को लेकर हमारे समाज में कई मिथक हैं, जिनके बारे में लोगों में जानकारी की काफी कमी है। एड्स कैसे फैलता है, इससे बचाव के तरीके, इसके टेस्ट, इससे जुड़े मिथक से संबंधित जानकारी दी गई। साथ ही कहां कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य एचआईवी एड्स से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना और विद्यार्थियों एवं लोगों में जागरूकता बढ़ाना हैं। प्राचार्य प्रो. आर. के. त्रिपाठी ने पूरे समाज को एक-जुट होकर एड्स से लड़ने के लिए प्रेरित करने की अपील महाविद्यालय स्टाफ एवं विद्यार्थियों से किया।
कार्यक्रम में प्राचार्य प्रो. आर. के. त्रिपाठी, डॉ. एस. एस. धुर्वे, डॉ. अरविंद सिंह, प्रियंका तोमर, डॉ रश्मि त्रिपाठी, डॉ. सुनीता सिंह, डॉ. के. के. विश्वकर्मा, डॉ. के. के. निगम, डॉ. राकेश दुबे, डॉ. मंजुलता साहू, डॉ. नीलम चतुर्वेदी, मनीष मिश्रा, डॉ. रूपा शर्मा, डॉ अरविन्द शुक्ला, मनोज चौधरी, सौरभ तिवारी, पवन दुबे, अनीता सिंह, डॉ. कृष्णपाल सिंह, सौरभ सिंह, सोनम पाण्डे, रावेंद्र साकेत, पुष्पलता विश्वकर्मा, सुश्री संतोषी तिवारी, दीपक मिश्रा, डॉ अरुण तिवारी, डॉ. चंद्रभान विश्वकर्मा, शंकर सिंह, आशीष तिवारी, अजय सेन, गणेश प्रजापति, राजेश्वरी मिश्रा तथा स्टॉफ के अन्य सदस्य एवं रा. से. यो. स्वयंसेवक एवं विद्यार्थी उपस्थिति रहे।




