अनिल सेन जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं।

आदरणीय अनिल सेन जी
नमस्कार,
जीवन की सच्ची राह दिखाने वाले आपके शब्दों में गहराई और अर्थ है। अथर्ववेद के श्लोक हमें सिखाते हैं कि हमें बड़े-बुजुर्गों की छत्रछाया में रहना चाहिए और उदारमना बनना चाहिए। हमें एक-दूसरे से कभी अलग नहीं होना चाहिए, बल्कि समान रूप से उत्तरदायित्व को वहन करते हुए एक-दूसरे के सुख-दुख में भाग लेना चाहिए।
आइए हम सब मिलकर परस्पर सेवा भाव से पुरूषार्थ करें, उत्तम ज्ञान प्राप्त करें, और योग्य नेता की आज्ञा में कार्य करें। दृढ़ संकल्प से कार्य में दत्त चित्त होकर, देवताओं की तरह अमृत की रक्षा करें और सायं प्रातः अपने मन में शुभ संकल्पों की रक्षा करें।
आपके लिए शुभकामनाएं हैं:
स्वस्त्यस्तु ते कुशलमस्तु चिरयुरस्तु।
विद्या विवेक कृति कौशल सिद्धिरस्तु।
ऐश्वर्यमस्तु बलमस्तु राष्ट्रभक्ति सदास्तु।
वंशः सदैव भवता हि सुदिप्तोस्तु।
आप सदैव आनंद से, कुशल से रहें और दीर्घ आयु प्राप्त करें। विद्या, विवेक, और कार्यकुशलता में सिद्धि प्राप्त करें। ऐश्वर्य और बल को प्राप्त करें और राष्ट्रभक्ति भी सदा बनी रहे। आपका वंश सदैव तेजस्वी बना रहे।
आपका स्नेही,
विनय पाण्डेय




