मध्य प्रदेश

कटनी में सड़क सुरक्षा और नशा नियंत्रण पर कलेक्टर सख्त: ओवरलोडेड डंपरों पर कार्रवाई, स्कूल-कॉलेजों के पास नशीली दुकानों की होगी सफाई, ड्रग इंस्पेक्टर का दो दिन का वेतन कटा

 

कटनी में सड़क सुरक्षा और नशा नियंत्रण पर कलेक्टर सख्त: ओवरलोडेड डंपरों पर कार्रवाई, स्कूल-कॉलेजों के पास नशीली दुकानों की होगी सफाई, ड्रग इंस्पेक्टर का दो दिन का वेतन कटा

 

कटनी। कलेक्टर आशीष तिवारी ने मंगलवार को जिला स्तरीय एनकॉर्ड समिति और जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में अधिकारियों को ओवरलोडेड डंपरों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि स्कूल और कॉलेजों के परिसर के आसपास 100 मीटर के दायरे में चल रही पान-गुटका और नशीली दवाओं की दुकानों की जांच कर उन्हें तुरंत हटाया जाए। उन्होंने स्वास्थ्य, पुलिस और शिक्षा विभाग को युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए।बैठक में पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा, नगर निगम आयुक्त तपस्या परिहार, सीएमएचओ डॉ. राज सिंह ठाकुर, यातायात निरीक्षक राहुल पांडेय, सीजीएसटी के सुप्रिटेंडेंट दयाशंकर सिंह, आरटीओ संतोष पाल, पीडब्ल्यूडी की शारदा सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।कलेक्टर तिवारी ने आरटीओ और ट्रैफिक पुलिस को मिलकर शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर कठोर कार्रवाई करने और उनका ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने के निर्देश दिए। इसी दौरान कलेक्टर ने जिले में संचालित मेडिकल स्टोर्स की सघन जांच करने और प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री रोकने के भी आदेश दिए। बैठक से अनुपस्थित रहने पर ड्रग इंस्पेक्टर मनीषा धुर्वे की गैरहाजिरी को गंभीर मानते हुए कलेक्टर ने उनका दो दिन का वेतन काटने के निर्देश सीएमएचओ को दिए।कलेक्टर ने कहा कि अवैध नशे के कारोबार से युवाओं को बचाने के लिए मजबूत सूचना तंत्र विकसित किया जाए, ताकि नशे के अवैध व्यापार में शामिल लोगों पर ठोस और प्रभावी कार्रवाई हो सके। सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा के दौरान उन्होंने माइनिंग विभाग और आरटीओ को संयुक्त रूप से ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। ई-रिक्शा और ऑटो चालकों का सत्यापन और उनके वाहनों का परीक्षण करवाया जाएगा।कलेक्टर ने जबलपुर की तर्ज पर कटनी जंक्शन और मुड़वारा रेलवे स्टेशन पर प्रीपेड बूथ व्यवस्था लागू करने की बात भी कही। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने जिले की सभी फैक्ट्रियों में ‘नो हेलमेट, नो अटेंडेंस’ नियम लागू करने का सुझाव दिया, जिस पर कलेक्टर ने महाप्रबंधक उद्योग को फैक्ट्री संचालकों से चर्चा करने के निर्देश दिए।

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