महाराष्ट्र

रीवा जिले के शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों बच्चों को सत्र शुरू होने के महीनों बाद भी निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें वितरित नहीं की गई हैं

 

रीवा जिले के शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों बच्चों को सत्र शुरू होने के महीनों बाद भी निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें वितरित नहीं की गई हैं। नतीजा यह है कि बच्चे बिना किताबों के ही पढ़ाई करने को मजबूर हैं। दूसरी ओर, शिक्षा विभाग की घोर लापरवाही के चलते ब्लॉक रिसोर्स सेंटर यानी बीआरसी कार्यालय में किताबों के बड़े जखीरे डंप पड़े हैं, जिन्हें दीमक खा रही है। सूचना मिलने पर जिला पंचायत अध्यक्ष ने अपनी टीम के साथ रायपुर कर्चुलियान स्थित बीआरसी कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कार्यालय में किताबों का भारी स्टॉक देखकर वे स्तब्ध रह गईं। ये पुस्तकें बच्चों तक अधिकतम जुलाई महीने में पहुंच जानी चाहिए थीं, लेकिन अब तक वितरण नहीं हो सका। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की शिकायत पर पहुंची जिला पंचायत अध्यक्ष के इस निरीक्षण से जिला शिक्षा तंत्र की पोल खुल गई है। डीपीसी, डीईओ सहित पूरे विभाग की लापरवाही सामने आ गई है। इस घटना ने स्कूलों में दी जा रही ‘गुणवत्तायुक्त शिक्षा’ पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। बिना पाठ्यपुस्तकों के बच्चों की पढ़ाई कैसे हो रही है और विभागीय अधिकारी इसकी जिम्मेदारी कब लेंगे, यह देखने वाली बात होगी।

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