जब शिकायतें अनसुनी हों तो पीड़ित कहाँ जाए? दमोह पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

जब शिकायतें अनसुनी हों तो
पीड़ित कहाँ जाए? दमोह पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
दमोह जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ जिले में नोटा प्रभारी रह चुके अरविंद ठाकुर पर एक पीड़ित महिला ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित महिला ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़िता का आरोप है कि वह एसपी कार्यालय में लगातार चार बार लिखित आवेदन दे चुकी है, लेकिन अब तक उसकी शिकायत पर कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। महिला का कहना है कि अरविंद ठाकुर जिस भी थाने में पदस्थ रहे, वहाँ उसकी शिकायतों को नजरअंदाज किया गया और न तो एफआईआर दर्ज की गई और न ही कोई जांच आगे बढ़ाई गई।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि संबंधित अधिकारी द्वारा लगातार भ्रष्टाचार किया जा रहा है और अपने पद का दुरुपयोग करते हुए पीड़ित को न्याय से वंचित रखा जा रहा है। बार-बार आवेदन देने के बावजूद कार्रवाई न होना पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है।
अब बड़ा सवाल यह है कि जब एक पीड़ित महिला बार-बार उच्च अधिकारियों के पास शिकायत कर रही है, तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? क्या पीड़िता को न्याय मिलेगा या मामला फाइलों में ही दबकर रह जाएगा?
फिलहाल पीड़ित महिला न्याय की आस लगाए बैठी है और पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है।
पीड़ित कहाँ जाए? दमोह पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल



