मनरेगा में सरपंच की पत्नी बेटा और बहू ने की मजदूरी
ढीमरखेड़ा के भमका का मामला, फर्जीवाड़े की जांच की गई शुरू

मनरेगा में सरपंच की पत्नी बेटा और बहू ने की मजदूरी !
ढीमरखेड़ा के भमका का मामला, फर्जीवाड़े की जांच की गई शुरू
जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा की ग्राम पंचायत भमका में मनरेगा योजना में फर्जीवाड़े की जांच जनपद सीईओ ने शुरू कर दी है। इस संबंध में सरपंच बुद्धलाल से पद का दुरुपयोग कर अनैतिक लाभ लिए जाने के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है। दरअसल यहां पर सरपंच ने पंचायत के अंदर ही चल रहे अलग-अलग कार्यों में पत्नी लक्ष्मी बाई, पुत्र संतोष पटैल और वधू लक्ष्मी बाई को कागजों में मजदूर बताते हुए मस्टर रोल में हाजिरी भरते हुए राशि निकाल ली।
योजना में नहीं किया काम
जनपद सीईओ द्वारा मांगे गए स्पष्टीकरण पत्र में उल्लेख किया गया है कि परिवार के इन तीनों सदस्यों ने योजना में कार्य नहीं किया। फर्जी हाजिरी भरकर अनैतिक रूप से खातों में राशि ट्रांसफर करने के मामले में सीईओ ने इसे पदीय कर्तव्यों के विपरीत आचरण माना है। इसे गबन की श्रेणी में माना गया है।
चार वर्षों का यह हैआंकड़ा
चार वर्षों में मनरेगा के आंकड़े भी संलग्न हैं। जिसमें तीनों ने वित्तीय वर्ष 22-23 में 132 दिन कागजों में 25 हजार 128 रुपए का काम किया। वर्ष 23-24 में 146 दिनों में 27 हजार 962 रुपए का कागजों में काम किया। इसी तरह से वर्ष 24-25 में 149 दिन और वर्ष 25-26 में 60 दिन काम किया।



