शौक को जिंदा रखें,जीवन में खुशियां भरें,
शौक को जिंदा रखें,जीवन में खुशियां भरें,
शौक को जिंदा रखें, इस जीवन में खुशियां भरें,
मस्त रहें, व्यस्त रहें, अपने संग दूसरों के भी ग़म हरें,
यही आपके जीवन का, महा मंत्र होना चाहिए,
थोड़ा है तो क्या हुआ,मिल बांट कर, प्यार से खाइए,
सोचते हैं लोग क्या, सोच-सोच तुम मन न दुखाओ,
मेरे जैसा केवल मैं हूं,ज़माने को तुम बस ये दिखाओ,
थोड़ा सजो, थोड़ा संवरों, थोड़ा लाओ अपने में तेवर,
सोना न मिल सके तो क्या,पहनो तुम नकली ही जेवर,
बूढ़े हो, तुम सठिया गये हो, लोग तो कहते रहेंगें,
तुम अपने लिए जियों,मत सोचो कि लोग क्या कहेंगे,
शौक रखो बेमिसाल, खुल कर जियो, कुछ करो कमाल,
महफ़िल की तुम जान बनो, छा जाओ, कुछ करो धमाल,
उम्र कोई बंधन नहीं है, तुम्हारे सफर की पहचान है,
अनुभव की पूंजी तुम्हारी, इस जीवन की मुस्कान है,
थक कर बैठना मना है, और रुक जाना अपराध है,
तुम बस चलो निरंतर, यही तो जीवन का स्वाद है,
हौसलों की मशाल जलाओ , अंधेरों को तुम चीर दो,
अपने मन के सूरज से तूम , हर कोना रोशन कर दो,
वरिष्ठ हो तुम, बोझ नहीं हो, धरोहर हो तुम समाज की,
तुमसे ही संस्कृति जीवित है, पहचान हो इस आज की
जोश भरो तुम, अपनी रगों में, तुम ज्ञान का दरिया बनो ,
बस एक चिंगारी भडकाओं, तुम खुशियों का जरिया बनो,
जीवन का यही संदेश है, जो दे रही हूं सबको फिलहाल,
“शौक जिंदा रखो दिल में, मस्त जियो और बनो मिसाल,
मस्त जियो और बनो मिसाल,
सरोज कुमार ‘श्वेता’
फरीदाबाद
हरियाणा



