साहित्य रचना

विषय – शौक को जिंदा रखें, जीवन मे  खुशियां भरें 

विषय – शौक को जिंदा रखें, जीवन मे 

          खुशियां भरें 

 

यदि शौक जिंदा रखना हैं खुशियां विस्तारित कीजिए 

गर उम्र को हराना है कुछ शौक चुन लीजिए 

 

खुशहाल जीवन बितेगा कुछ मित्र बना लीजिए 

बहुत ज्यादा न हो मित्र मन पसंद बना लीजिए 

 

जीवन की जद्दोजहद में हम भूलें है स्वयं को 

इतना समय निकालिए खुद से संवाद कीजिए

 

स्वांतःसुखाय स्वाध्याय की योजना बनाइये 

ध्यान, योग अध्यात्म से नाता जोड़िए

 

प्रातःकाल रोज सैर को जाइये स्वयं कामकरनेकीआदतबनाइये 

 

मन की चंचलता को बरकरार रखिए 

बच्चा बन जाइए खूब ठहाके 

लगाईये

 

दखलंदाजी किसी की न बर्दाश्त कीजिए 

जीवन में जो उचित हो उस पर गौरे नजर कीजिए 

 

मेरी आरजू है रब से ये मेहर अता करना 

गमजदा न हो कोई हमारी वजह से

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