साहित्य रचना
नवरात्रि और संस्कृति

नवरात्रि और संस्कृति
यह सिर्फ त्योहार नहीं, हमारी संस्कृति हमारी पहचान है,
यह सिर्फ देवी नहीं, हमारी नारी शक्ति का अभिमान है।हमारे अंतर्मन में यह सदा विराजमान है,
माँ के नव रूपों में जीवन का सारा ज्ञान है।शक्ति, भक्ति, ज्ञान और शांति का संदेश देती है,
जीवन में नई ऊर्जा और प्रेरणा भर देती है।ममता, करुणा और स्नेह का यह अनुपम स्वरूप है,
हर नारी में बसता माँ का यही दिव्य रूप है।बुराइयों का नाश कर, सच्चाई की राह दिखाती है,
अंधकार मिटाकर, जीवन में प्रकाश लाती है।यह नवरात्रि हमारी गौरवपूर्ण भारतीय संस्कृति है,
माँ गौरी की कृपा ही हमारी सच्ची संपत्ति है।माँ की करुणा में ही सच्ची पहचान है,
यह नवरात्रि हमारी संस्कृति की शान है।लेखिका — मनीषा कुमारी




