कटनी के बरही में तीन दिन से तेंदुए का मूवमेंट, वन विभाग ने बढ़ाई गश्त, ग्रामीण दहशत में

कटनी के बरही में तीन दिन से तेंदुए का मूवमेंट, वन विभाग ने बढ़ाई गश्त, ग्रामीण दहशत में
🐅 कटनी के बरही में तीन दिन से तेंदुए का मूवमेंट, वन विभाग ने बढ़ाई गश्त, ग्रामीण दहशत मेंमध्य प्रदेश के कटनी जिले के बरही वन परिक्षेत्र से सटे इलाकों में पिछले तीन दिनों से तेंदुए के लगातार मूवमेंट ने ग्रामीणों में दहशत फैला दी है। खासकर बरही और आसपास के गांवों के लोग रात में अपने घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं।प्रमुख घटनाक्रम और ग्रामीणों का हाल तीन दिन से मूवमेंट: स्थानीय निवासियों के अनुसार, बरही वन परिक्षेत्र से लगे रिहायशी इलाकों में तेंदुआ पिछले तीन दिनों से लगातार देखा जा रहा है। ग्रामीणों में डर: लोगों का कहना है कि रात के समय तेंदुआ अक्सर दिखाई देता है, जिससे रात में बाहर निकलना, खेत या मवेशियों की रखवाली करना बेहद जोखिम भरा हो गया है।
बच्चों और पालतू जानवरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। शिकार की आशंका: पूर्व में इसी परिक्षेत्र के बगैहा गांव में तेंदुए द्वारा एक गाय का शिकार किए जाने की घटना सामने आ चुकी है, जिससे ग्रामीणों का डर और भी गहरा गया है। वायरल वीडियो: कटनी-बरही मार्ग पर आबादी के करीब तेंदुए को घूमते हुए देखे जाने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसने लोगों की चिंता को बढ़ाया है।वन विभाग की कार्रवाई वन विभाग ने तेंदुए के लगातार मूवमेंट की खबरों को गंभीरता से लिया है। गश्त में वृद्धि: विभाग ने बरही परिक्षेत्र के प्रभावित गांवों और जंगल से सटे क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी है। निगरानी: वन विभाग की टीमें तेंदुए के पगचिन्हों और मूवमेंट की लगातार निगरानी कर रही हैं ताकि उसके ठिकाने का पता लगाया जा सके। अलर्ट जारी: ग्रामीणों को सतर्क रहने और अकेले जंगल या खेत की ओर न जाने की सलाह दी गई है। रात के समय घरों से न निकलने की अपील की गई है। रेस्क्यू की तैयारी: यदि तेंदुआ रिहायशी इलाके से बाहर नहीं निकलता है या इंसानों के लिए खतरा पैदा करता है, तो उसे सुरक्षित रूप से पकड़ने के लिए पिंजरे लगाने और रेस्क्यू ऑपरेशन की तैयारी की जा रही है।कटनी में वन्यजीवों की बढ़ती धमक: गौरतलब है कि कटनी जिले में पहले भी तेंदुए के हमले और रेस्क्यू की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जो जंगल और आबादी के बीच कम होती दूरी और बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष की ओर इशारा करती हैं।इस पूरे घटनाक्रम पर वन विभाग और स्थानीय प्रशासन लगातार नज़र बनाए हुए है और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है।




