लोकल न्यूज़

बरही नगर में दुकानों के सामने दुकानें लाभ का धंधा धंधे पर धंधा ,, दोयम वसूली से निराश फुटपाथी रसीद से लेकर अवैध वसूली कर रही जेब ढीली अध्यक्ष सीएमओ पर सवाल हो रहे खड़े आखिर ऐसा क्यो

 

बरही नगर में दुकानों के सामने दुकानें लाभ का धंधा धंधे पर धंधा ,, दोयम वसूली से निराश फुटपाथी रसीद से लेकर अवैध वसूली कर रही जेब ढीली अध्यक्ष सीएमओ पर सवाल हो रहे खड़े आखिर ऐसा क्यो

 

बरही (कटनी)।

 

बरही नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने नगर परिषद की भूमि पर अवैध वसूली के आरोपों से नगर में चर्चा तेज हो गई है। आरोप है कि सरला कम्प्यूटर समेत कुछ स्थायी दुकानों के संचालक अपनी दुकानों के सामने व बगल में छोटे-छोटे ठेले और अस्थायी दुकानें लगवाकर उनसे प्रतिदिन अवैध वसूली कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार जिस भूमि पर ठेले और छोटी दुकानें लगाई जा रही हैं, वह नगर पंचायत बरही की है, जिसे परिषद द्वारा छोटे ठेला व्यापारियों को व्यवसाय के लिए अनुमति दी गई है। इसके बावजूद स्थायी दुकानदारों द्वारा ठेला संचालकों से जबरन पैसे वसूलने की शिकायतें सामने आई हैं।

 

पीड़ित ठेला व्यापारियों का कहना है कि पैसे न देने पर उन्हें दुकान हटाने या विवाद में फंसाने की धमकी दी जाती है, जिससे वे डर के माहौल में काम करने को मजबूर हैं।

 

इस पूरे मामले में जब नगर परिषद बरही के जिम्मेदार अधिकारी से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि अभी मामले की जानकारी प्राप्त हुई है। नगर परिषद की भूमि पर किसी भी प्रकार की अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शीघ्र ही स्थल निरीक्षण कर जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”

स्थानीय नागरिकों और ठेला व्यापारियों ने नगर परिषद से मांग की है कि जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई कर अवैध वसूली पर रोक लगाई जाए, ताकि छोटे व्यवसायियों को बिना भय के रोजगार करने का अवसर मिल सके।

 

 हालांकि सिर्फ यहां बस कि बात नहीं इसके अलावा नगर के ही कमानिया गेट मुख्य चौराहा समीप भी कुछ ऐसा ही हो रहा है यहां भी सब्जी ठेला और फल ठेला चाट मसाले का ठेला समेत जूते चप्पलो को सिलने वालो को अपने दुकानों के सामने काम करने दिया जा रहा है जिनको कुछ नहीं बोला जा रहा है हालांकि जो होटल संचालक व किराना दुकानदारो हैं जिनसे जो भी नया छोटा व्यापारी है वो चाह एक छोटी बोरी रखकर ही अपना छोटा सा व्यापार करने के लिए बैठ जाए उसको देखते ही वहां से हटा दिया जाता है कही नगर परिषद के अधिकारियों से शिकायत की धमकी दे दी जाती है कही पुलिस प्रशासन के नाम से वो छोटे व्यापारी वहां से भय के कारण भाग जाते हैं हालांकि कि ये वो लोग हैं जिनसे यातायात प्रभावित नहीं होती है और जो मुख्य मार्गों के बगल से ठेला लगाते और सामग्री को पूरी सड़को में बिखेरे रहते हैं जिनके कारण नगर कि यातायात व्यवस्था में सीधा प्रभाव पड़ता उनको कुछ नहीं बोला जा रहा है इससे तो यही प्रतीत होता है कि बड़े संचालको से कोई न कोई स्वार्थ है जो पहले से परिचित हैं 

 

अब देखना यह है कि नगर परिषद की जांच केवल आश्वासन बनकर रह जाती है या वास्तव में जमीन पर कार्रवाई होती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!