कटनी। कटनी जिले में पुलिस प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे ‘शिकंजा अभियान’ की हकीकत उस समय सामने आ गई, जब स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र की दर्जनों ग्रामीण महिलाएं हाथों में शराब की पेटियां और बोतलें लेकर सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय जा पहुंचीं। महिलाओं ने पुलिस और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर शराब माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए एसपी कार्यालय परिसर में ही धरना दे दिया।

कटनी। कटनी जिले में पुलिस प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे ‘शिकंजा अभियान’ की हकीकत उस समय सामने आ गई, जब स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र की दर्जनों ग्रामीण महिलाएं हाथों में शराब की पेटियां और बोतलें लेकर सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय जा पहुंचीं। महिलाओं ने पुलिस और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर शराब माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए एसपी कार्यालय परिसर में ही धरना दे दिया।
विधायक से गुहार, पुलिस की अनदेखी
प्रदर्शन कर रही देवरी मडाई ग्राम की महिलाओं का नेतृत्व कर रही गुड्डी बाई चौधरी ने बताया कि गांव में राजेश पटेल, बाबू पटेल, संदीप पटेल और दीपक पटेल नामक व्यक्ति लंबे समय से खुलेआम अवैध शराब बेच रहे हैं। इसकी वजह से गांव के युवा और नाबालिग बच्चे नशे की गर्त में जा रहे हैं। महिलाओं का आरोप है कि उन्होंने इसकी शिकायत स्थानीय स्लीमनाबाद पुलिस और बहोरीबंद विधायक प्रणय पांडे से भी की थी, लेकिन विधायक ने सिर्फ आश्वासन दिया और पुलिस ने माफियाओं पर हाथ डालने तक की जहमत नहीं उठाई।
महिलाओं ने खुद मारा छापा, पुलिस ने किया कार्रवाई से इनकार
मंगलवार को महिलाओं का धैर्य जवाब दे गया। त्रस्त होकर महिलाओं ने खुद ही अवैध शराब बेच रहे संदीप पटेल के ठिकाने पर धावा बोल दिया। वहां से भारी मात्रा में शराब बरामद करने के बाद महिलाओं ने डायल 112 को फोन कर पुलिस बुलाई। महिलाओं का गंभीर आरोप है कि मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने शराब जब्त करने या आरोपियों पर कार्रवाई करने से साफ इनकार कर दिया। पुलिस के इसी ढुलमुल रवैये से नाराज होकर महिलाएं जब्त की गई शराब खुद लेकर जिला मुख्यालय स्थित एसपी कार्यालय पहुंच गईं।
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए। महिलाओं ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि स्लीमनाबाद थाने में पदस्थ कुछ पुलिसकर्मी इन शराब माफियाओं से बंधी-बंधाई रकम लेते हैं, इसीलिए वे शिकायतों पर कार्रवाई नहीं करते। महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि अब भी गांव में शराब की बिक्री बंद नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगी।
इस पूरे घटनाक्रम पर SDOP आकांक्षा द्विवेदी ने कहा कि कुछ महिलाएं शराब लेकर कार्यालय आई थीं। उनकी शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। ग्रामीण महिलाओं की शिकायत पर गांव में तत्काल टीम भेजकर अवैध शराब पर कार्रवाई की जाएगी। यदि डायल 112 के पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर लापरवाही बरती है या कार्रवाई से मना किया है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर पुलिसकर्मियों के विरुद्ध भी वैधानिक कार्रवाई होगी।




