शासकीय कन्या महाविद्यालय में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ पर विशेष कार्यक्रम आयोजित

शासकीय कन्या महाविद्यालय में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ पर विशेष कार्यक्रम आयोजित
कटनी – शासकीय कन्या महाविद्यालय, कटनी में मंगलवार को राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के मूल पाठ का पूर्ण गायन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात के मार्गदर्शन एवं भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ की संयोजक डॉ. विमला मिंज के संयोजन में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा रचित इस अमर गीत की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में छात्राओं में देशभक्ति की भावना जगाना तथा राष्ट्रगीत के मूल रूप, इतिहास और महत्व को समझाना था। प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात ने अपने उद्बोधन में स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ‘वंदे मातरम’ की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह गीत भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में एक शक्तिशाली प्रेरणा स्रोत बना। जिसने लाखों देशभक्तों को मातृभूमि के लिए समर्पित होने की प्रेरणा दी तथा छात्राओं को गीत के पूर्ण मूल पाठ का वाचन एवं गायन करवाया। साथ ही, गायन की सही शैली, स्वर और भाव के संबंध में विशेष प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।
भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. विमला मिंज ने अपने संबोधन में बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा रचित इस गीत के माध्यम से देश की एकता, गौरव और राष्ट्रप्रेम की भावना को जागृत करने के महत्व को विस्तार से वर्णित किया। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की सामूहिक चेतना और स्वतंत्रता की पुकार का प्रतीक है।
छात्राओं ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया और सामूहिक गायन के दौरान पूरा महाविद्यालय परिसर देशभक्ति के सुरों से गूंज उठा।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षक, स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें बंदना मिश्रा, डॉ. पंकज सेन, डॉ. अशोक शर्मा, डॉ. संजयकांत भारद्वाज, भीम बर्मन, प्रेमलाल कॉवरे, डॉ. फूलचंद कोरी, प्रियंका सोनी, डॉ. सृष्टि श्रीवास्तव, आंजनेय तिवारी तथा डॉ. मदन सिंह मरावी प्रमुख थे।




