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आस्था साधना और शिवकृपा का केंद्र बना नीलकंठेश्वर भक्ति धाम

आस्था साधना और शिवकृपा का केंद्र बना नीलकंठेश्वर भक्ति धाम

 

महाशिवरात्रि महोत्सव में उमड़ेगा श्रद्धा का महासागर, तैयारिया हुई पूर्ण

 

कटनी जिला अंतर्गत विजयराघवगढ़ विधानसभा छेत्र मे एक इसा धार्मिक स्थल विख्यात हुआ जिसकी पताका आज दूर दूर दिखाई दे रही है। जहां आस्था सांस लेती है जहां हर पत्थर में शिव का वास महसूस होता है और जहां भक्ति स्वयं साधना बन जाती है वह पावन भूमि है नीलकंठेश्वर भक्ति धाम। वर्षों से यह धाम केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि सनातन चेतना शिव-शक्ति और जनआस्था का प्रकाश स्तंभ बन चुका है। आज इसकी ख्याति दूर-दूर तक फैल रही है और भक्तों के हृदय में यह धाम एक तीर्थ के रूप में प्रतिष्ठित हो चुका है। आशुतोष चंद्रमौलि भगवान शिव की असीम अनुकंपा से नीलकंठेश्वर धाम में 36वां महाशिवरात्रि महोत्सव श्रद्धा भक्ति और दिव्यता के साथ मनाया जा रहा है। यह महोत्सव केवल आयोजन नहीं बल्कि शिव से साक्षात्कार का अवसर है जहां हर हर महादेव की गूंज आत्मा को स्पर्श करती है। जिस नींव में थी तपस्या वही आज परंपरा बनी, नीलकंठेश्वर धाम की स्थापना केवल ईंट-पत्थरों से नहीं हुई बल्कि इसके मूल में थी अटूट आस्था और शिवभक्ति। वर्षों पूर्व इस पावन धाम की नींव हरिश्चंद्र पद्मभूषण से सम्मानित शिव शक्ति उपासक श्री मदनलाल ग्रोवर जी ने रखी थी। उनका जीवन स्वयं शिव साधना का उदाहरण बन चुका है सादगी सेवा और समर्पण से भरा हुआ। आज उसी पावन परंपरा का निर्वाहन बाबू ग्रोवर एवं रुद्राक्ष ग्रोवर द्वारा पूरी निष्ठा श्रद्धा और सेवा भाव से किया जा रहा है। यह केवल व्यवस्थापक नहीं बल्कि पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही शिवसेवा की साधना है जो नीलकंठेश्वर धाम को और अधिक दिव्य बना रही है। महाशिवरात्रि महोत्सव भक्ति का विराट स्वरूप महोत्सव के अंतर्गत श्रीरामचरितमानस पाठ एवं 231 दिवसीय अनुष्ठान पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं महाअभिषेक भव्य शिवजी बारात श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारा तथा श्रद्धात्मक पूर्णाहुति एवं देवी जागरण

जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से शिवभक्ति अपने चरम पर पहुंचेगी। भजन सम्राट हेमन ब्रजवासी (मथुरा) की दिव्य प्रस्तुति से वातावरण भक्तिरस में डूब जाएगा जहां हर स्वर शिवमय होगा और हर ताल हृदय को झंकृत करेगी। नीलकंठेश्वर भक्ति धाम जहां शिव सजीव हैं आज नीलकंठेश्वर धाम केवल स्थानीय आस्था का केंद्र नहीं रहा।इसकी ख्याति अब जिले और प्रदेश की सीमाओं को पार कर देशभर के श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है। यहां आने वाला हर भक्त यही कहता है यहां आकर मन को शांति मिलती है जैसे स्वयं भोलेनाथ सान्निध्य दे रहे हों। आयोजक परिवार एवं समस्त नीलकंठेश्वर भक्तिमंडल द्वारा सभी श्रद्धालुओं से विनम्र आग्रह किया गया है कि वे इस महाशिवरात्रि महोत्सव में सहभागी बनकर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करें। नीलकंठेश्वर धाम जहां इतिहास है परंपरा है और सबसे बढ़कर… स्वयं महादेव का वास है। इस आयोजन के संरक्षक विजयराघवगढ़ विधायक संजय सत्येंद्र पाठक व आयोजक मदनलाल ग्रोवर बाबू ग्रोवर रुद्राक्ष ग्रोवर के अलावा सम्पूर्ण निलकंठेशवर भक्ति धाम परिवार है। 

शेरा मिश्रा पत्रकार विजयराघवगढ़ 9893793302

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