E-Paperसाहित्य रचना
युवा शक्ति

युवा शक्ति
———————————-
जागो जागो हे युवा शक्ति!
ये मातृभूमि पुकारती ।
युवा जगेगा,
भविष्य सजेगा,
वसुन्धरा पुकारती ।
लहू का रंग लाल है,
ऊर्जा तुममें भरा पड़ा है ।
शक्ति का पहचान कर,
क्षितिज पर अभिमान कर,
वीर भरत सिंह , चन्द्रशेखर आजाद बन,
नया नया जोश से,
शक्ति का संचार कर,
अपनी शौर्य गाथा से अपना ही इतिहास रच,
जन्मदाता माता तेरी आरती उतारती,
जागो जागो हे युवा शक्ति!
वसुन्धरा पुकारती ।
माँ भारती के वीर तुम
शान हिन्दुस्तान के,
तिरंगा लहरा रहा अम्बर पर,
अमर जवान पुकारता ।
शक्ति के उजागर तुम,
अपनी मातृभूमि को पहचान लो,
विजय का तिरंगा को ,
गिरने न दो धरा पर तुम ।
वीर तुम ,युवा हो तुम
भविष्य है पुकारती ।
जागो जागो हे युवा शक्ति!
वसुन्धरा पुकारती ॥श्यामा प्रभाकर दास
मुंबई




